रामगढ़ महोत्सव में रामलीला, कवि सम्मेलन और ‘जटायु मोक्ष’ की प्रस्तुति ने बांधा समां

रामगढ़ महोत्सव में रामलीला, कवि सम्मेलन और ‘जटायु मोक्ष’ की प्रस्तुति ने बांधा समां

  • नई दिल्ली के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा भव्य रामलीला मंचन
  • कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उदयपुर की छात्राओं की ‘जटायु मोक्ष’ नृत्य-नाटिका
  • कवि सम्मेलन में ओजस्वी रचनाओं का पाठ
  • लोकगीत, करमा नृत्य और सरगुजिहा लोकनृत्य ने बढ़ाई महोत्सव की भव्यता

अंबिकापुर, – सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को समर्पित रामगढ़ महोत्सव-2026 के प्रथम दिवस में संस्कृति, साहित्य और लोककला का अद्भुत संगम देखने को मिला। विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

🎭 रामलीला का भव्य मंचन

नई दिल्ली से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, सत्य और त्याग को सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद, आकर्षक वेशभूषा और मधुर संगीत के माध्यम से जीवंत किया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

💫 ‘जटायु मोक्ष’ की भावपूर्ण प्रस्तुति

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उदयपुर की छात्राओं ने ‘जटायु मोक्ष’ पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। संवेदनशील अभिनय, पारंपरिक वेशभूषा और सुमधुर संगीत ने प्रस्तुति को जीवंत बना दिया। बालिकाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं और देर तक तालियों की गूंज जारी रही।

✍️ कवि सम्मेलन

कवि सम्मेलन में प्रतिष्ठित कवियों ने राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और हास्य-व्यंग्य पर आधारित रचनाओं का पाठ किया। ओजस्वी कविताओं ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया, जबकि हास्य-व्यंग्य ने वातावरण को आनंदमय बना दिया।

🎶 लोककला का प्रदर्शन

लोकगीत, सरगुजिहा लोकनृत्य, करमा नृत्य और स्वागत गीत जैसी प्रस्तुतियों ने महोत्सव को और भव्य बना दिया। स्थानीय कलाकारों ने सरगुजा की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

📍 रामगढ़ महोत्सव का उद्देश्य सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। प्रथम दिवस के सफल आयोजन ने इस उद्देश्य को सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया।

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