- कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय झिरमिटी में शाला प्रवेश उत्सव आयोजित
- नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक, पुष्पमाला और अध्ययन सामग्री देकर स्वागत
- मंत्री राजेश अग्रवाल ने बेटियों की शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने की पहल
अंबिकापुर – शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। इसी भावना के साथ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, झिरमिटी (उदयपुर) में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर नवप्रवेशी छात्राओं का आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षकों, पालकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
श्री अग्रवाल ने नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और अध्ययन सामग्री प्रदान कर स्वागत किया। छात्राओं के उत्साह और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी बना दिया।अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने कहा –
“शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो बेटियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार करती है। आज की छात्राएं कल की वैज्ञानिक, चिकित्सक, प्रशासक, शिक्षिका और जनप्रतिनिधि बनकर देश का नेतृत्व करेंगी।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जैसी संस्थाएं ग्रामीण एवं जनजातीय अंचलों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर उनके सपनों को नई उड़ान दे रही हैं।श्री अग्रवाल ने कहा कि “हर बेटी में अपार प्रतिभा और क्षमता होती है। जब एक बेटी शिक्षित होती है तो केवल उसका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरा परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियां शिक्षित और सशक्त बनती हैं।”
उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
- छात्राओं ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की गतिविधियों की जानकारी साझा की।
- मंत्री ने विद्यालय परिसर का अवलोकन कर शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
- उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं।
📍 शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी छात्राओं के चेहरे पर दिखा उत्साह और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण था कि शिक्षा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। मंत्री ने सभी छात्राओं और शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यहां की बेटियां भविष्य में सरगुजा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी।