- 48 में से 24 वार्डों में सफाई कार्य बंद
- 19 महीनों से ठेकेदारों को भुगतान नहीं, मजदूरों को वेतन देने में असमर्थ
- पार्षद मेराज गुड्डू ने लगाया पक्षपात और भ्रष्टाचार का आरोप
- स्वच्छता प्रभारी की पत्नी के ठेकेदार पति को मिला 90 लाख का भुगतान, बाकी ठेकेदार तरसे
- नागरिकों में नाराजगी, जनस्वास्थ्य पर खतरे की आशंका
📰 विस्तृत समाचार
अंबिकापुर, – नगर निगम क्षेत्र के 48 में से 24 वार्डों में ठेका पद्धति से संचालित सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह संकट में है।
पिछले 19 महीनों से ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिलने के कारण वे मजदूरों को वेतन देने में असमर्थ हो गए हैं।
इससे सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है और प्रभावित वार्डों में सफाई कार्य पूरी तरह बंद हो गया है।
शहर के कई हिस्सों में गंदगी का अंबार लगने लगा है।
⚡ आरोप और विवाद
पार्षद एवं पूर्व एमआईसी सदस्य मेराज गुड्डू ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों के भुगतान में खुला भेदभाव किया गया है।
उनके अनुसार, नगर निगम की एमआईसी सदस्य एवं स्वच्छता प्रभारी ममता तिवारी के पति और सफाई ठेकेदार अनिल तिवारी को उनके कार्यों के एवज में लगभग 90 लाख रुपये का भुगतान 5 जनवरी 2026 को कर दिया गया, जबकि अन्य ठेकेदारों की भुगतान मांग भी उसी समय भेजी गई थी।मेराज गुड्डू ने आरोप लगाया कि प्रभाव और राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर अपने हित में भुगतान कराया गया, जबकि बाकी ठेकेदारों को लगातार नजरअंदाज किया गया।उन्होंने इसे नगर निगम में व्याप्त पक्षपातपूर्ण कार्यशैली और भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण बताया।
🙏 मांग और चेतावनी
पार्षद मेराज गुड्डू ने नगर निगम प्रशासन से सभी लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करने, सफाई व्यवस्था बहाल करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मुद्दे को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
👥 नागरिकों की नाराजगी
शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
लंबे समय तक सफाई बाधित रहने से जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
📍 नगर निगम में भुगतान विवाद से उत्पन्न यह संकट अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।