छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर ‘अवलोकितेश्वर’ कांस्य प्रतिमा फिर सजेगी रायपुर संग्रहालय में

छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर ‘अवलोकितेश्वर’ कांस्य प्रतिमा फिर सजेगी रायपुर संग्रहालय में

  • महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई प्रतिमा अमेरिका से भारत लौट रही
  • लगभग 19 करोड़ रुपये मूल्य की यह दुर्लभ प्रतिमा बौद्ध परंपरा और सिरपुर की गौरवशाली विरासत की प्रतीक
  • संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ लाने की पहल की
  • प्रतिमा की वापसी सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि

📰 विस्तृत समाचार

अंबिकापुर, – विश्व संग्रहालय दिवस पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है।रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा अब अमेरिका से भारत लौटने की तैयारी में है।
लगभग 19 करोड़ रुपये मूल्य की यह प्रतिमा राज्य सरकार की सक्रिय पहल के बाद पुनः संग्रहालय में स्थापित की जाएगी।संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ वापस भेजने का आग्रह किया है।प्रतिमा भारत पहुंचने के बाद इसे रायपुर लाने और पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाई जाएगी।



🌏 अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि

अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत को करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाई हैं।
इन्हीं में महंत घासीदास संग्रहालय से चोरी हुई ‘अवलोकितेश्वर’ की प्रतिमा भी शामिल है।
यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और चोरी हुई भारतीय धरोहरों की वापसी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


🏛️ सिरपुर की गौरवशाली विरासत

  • प्रतिमा वर्ष 1939 में महासमुंद जिले के सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर परिसर के पास मिली थी।
  • यह प्रतिमा उस क्षेत्र में प्राप्त कांस्य प्रतिमाओं के बड़े भंडार का हिस्सा थी।
  • इतिहासकारों के अनुसार प्रतिमा पर अंकित शिलालेख में ‘द्रौणग्रिदत्त’ नाम का उल्लेख मिलता है, जो प्राचीन श्रीपुर का निवासी था।
  • यह प्रतिमा छत्तीसगढ़ की समृद्ध बौद्ध परंपरा, प्राचीन शिल्पकला और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत प्रतीक है।

🙏 राज्य सरकार की पहल

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह प्रतिमा केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत की अमूल्य धरोहर है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ शासन को सौंपा जाए।
राज्य सरकार प्रतिमा के संरक्षण, सुरक्षा और प्रदर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी।


📍 अवलोकितेश्वर प्रतिमा की वापसी प्रदेश की खोई हुई सांस्कृतिक विरासत को पुनः स्थापित करेगी और सिरपुर की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने