- लगातार बारिश से निर्माणाधीन पुलिया के पास बना अस्थायी डायवर्सन बहा
- करदना सहित 6 गांवों का संपर्क बतौली मुख्यालय से टूटा
- ठेकेदार की लापरवाही से 5 महीने से पुलिया निर्माण अधूरा
- स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक, किसान और ग्रामीणों को भारी परेशानी
- बसों का संचालन प्रभावित, तहसील, थाना और स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना मुश्किल
- ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी
- पीएमजीएसवाई के ईई विकास कौशिक ने अस्थायी समाधान का आश्वासन दिया
अंबिकापुर, – सरगुजा जिले के बतौली क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच निर्माणाधीन पुलिया के पास बना अस्थायी डायवर्सन बह जाने से करदना सहित छह गांवों का संपर्क मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है। पिछले पांच महीनों से पुलिया का निर्माण अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मुश्किलें
मार्ग बंद होने से स्कूली छात्र-छात्राएं और शिक्षक प्रभावित हुए हैं। शिक्षकों को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ा। बसों का संचालन ठप हो गया है, जिससे किसानों और आमजन को बाजार, तहसील, थाना, जनपद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण पुलिया का काम अधूरा है और हर बारिश में उनकी जिंदगी ठप हो जाती है।
ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों में ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण में देरी से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
प्रशासन का बयान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना (PMGSY) के कार्यपालन अभियंता विकास कौशिक ने कहा – “लोगों की परेशानी को देखते हुए तत्काल पाइप डालकर अस्थायी डायवर्सन मार्ग तैयार कराया जाएगा। स्थायी समाधान के लिए पुलिया निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।”
निष्कर्ष
बतौली क्षेत्र में पुलिया निर्माण अधूरा रहने और डायवर्सन बह जाने से ग्रामीणों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। हर बारिश के साथ यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। अब सवाल यही है कि ठेकेदार और प्रशासन कब तक इस लापरवाही को दूर करेंगे और ग्रामीणों को स्थायी राहत देंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया निर्माण कार्य को तुरंत पूरा किया जाए, ताकि आने वाले दिनों में उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।