- जिला चिकित्सालय अंबिकापुर में अभियान का शुभारंभ
- महापौर श्रीमती मंजूषा भगत की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित
- 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1,42,685 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य
- जिले में 899 पोलियो बूथ, 1104 टीम और 2204 वैक्सीनेटर तैनात
- प्रवासी बस्तियों और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए विशेष टीमें गठित
अभियान के तहत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1,42,685 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले में 899 पोलियो बूथों पर 1104 टीमों के माध्यम से 2204 वैक्सीनेटर तैनात किए गए हैं।
🏠 अभियान की रूपरेखा
प्रथम दिवस बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
दूसरे और तीसरे दिवस घर-घर जाकर बच्चों को खुराक दी जाएगी।
विद्यालयों में स्थापित बूथों के संचालन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सहयोग लिया जा रहा है।
प्रवासी बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों और जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
🗣️ महापौर का संदेश
महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने कहा – “पोलियो की दो बूंद बच्चों को आजीवन अपंगता से बचाने का प्रभावी माध्यम है। अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं और अन्य परिवारों को भी जागरूक करें।”
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और पार्षदों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
👥 उपस्थित जन
कार्यक्रम में पार्षद श्रीमती ममता तिवारी, श्रीमती किरण साहू, श्री अनिल तिवारी और श्री अभय साहू ने सहयोग का भरोसा दिलाया। महापौर और अतिथियों ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, डॉ. राजेश भजगावली, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.पी. विश्वकर्मा, संतोष सिंह, सुरेश एक्का, सुपरवाइजर श्री धनंजय प्रताप सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्टाफ नर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री संजय कुमार पाण्डेय ने किया।
📍 राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सामूहिक प्रयासों से बच्चों को सुरक्षित भविष्य और स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सकता है।