सूरजपुर जिले के अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के आरोप- अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी की शिकायत पर जांच शुरू
- राष्ट्रीय राजमार्ग-43 स्थित ग्राम मदनपुर की पुनर्वास भूमि में नियम विरुद्ध नामांतरण का आरोप
- जमीन की वास्तविक कीमत करीब 2 करोड़ रुपये, दस्तावेजों में कम मूल्य दर्शाने का दावा
- जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए
📰 विस्तृत समाचार
सूरजपुर,– सूरजपुर जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर लगे भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्मा ने अपने पूर्व पदस्थापना कार्यकाल के दौरान सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये की जमीन के सौदे में अनियमितताएं कीं।राष्ट्रीय राजमार्ग-43 स्थित ग्राम मदनपुर की पुनर्वास भूमि को कथित रूप से निजी लोगों के नाम दर्ज कराया गया और बाद में बेनामी तरीके से उसका हस्तांतरण किया गया।
📝 आरोपों का विवरण
- जमीन की वास्तविक कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई गई है।
- दस्तावेजों में कम मूल्य दर्शाकर स्टांप शुल्क में गड़बड़ी का आरोप।
- कई चरणों में नामांतरण और रजिस्ट्री होने की बात सामने आई।
- शिकायतकर्ता ने दावा किया कि अधिकारी ने प्रदेश और अन्य राज्यों में पेट्रोल पंप, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और अन्य संपत्तियों में निवेश किया है।
👮 जांच समिति
जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय समिति गठित की है।
- अध्यक्ष: जिला पंचायत सीईओ बिजेंद्र सिंह पाटले
- सदस्य: एसडीएम शिवानी जायसवाल, शिकायत शाखा प्रभारी सुनील अग्रवाल, भू-अभिलेख अधीक्षक भूपेंद्र कुमारी बंजारे, तहसीलदार सूर्यकांत साथ
समिति को पूरे मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
🗣️ अधिकारी का पक्ष
अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और इस विषय पर वे सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करना चाहते।
📍 अब पूरे मामले में जांच समिति की रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।