- नीट-यूजी 2026 परीक्षा बार-बार निरस्त होने पर केंद्र सरकार पर हमला
- आदित्येश्वर ने कहा – यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं की हत्या है
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग
- NTA की कार्यप्रणाली और ढांचे पर गंभीर सवाल
- समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग
📰 विस्तृत समाचार
अंबिकापुर, – नीट-यूजी 2026 परीक्षा के बार-बार निरस्त होने पर आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने इसे देश के करोड़ों युवाओं के साथ “संगठित विश्वासघात” करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
🎓 छात्रों की पीड़ा
आदित्येश्वर ने कहा कि सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के छात्र बड़ी मुश्किल से कोचिंग और किताबों का खर्च उठाते हैं।
2024 की गलतियों को दोहराना यह साबित करता है कि प्रशासनिक तंत्र में सुधार की कोई इच्छाशक्ति नहीं है।
उन्होंने इसे “लाखों परिवारों की आशाओं की हत्या” बताया।
🏛️ NTA पर सवाल
आदित्येश्वर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि 2024 के विवाद और पेपर लीक के बावजूद NTA ने अपने ढांचे में कोई सुधार नहीं किया।
जिस संस्था के पास 25 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने के लिए मात्र 25 स्थायी सदस्य हों और जो पूरी तरह निजी आउटसोर्सिंग पर निर्भर हो, उससे पारदर्शिता की उम्मीद करना बेमानी है।
🚨 केंद्र सरकार पर प्रहार
उन्होंने कहा कि भाजपा की “डबल इंजन सरकार” केवल विज्ञापनों में चलती है, हकीकत में यह युवाओं के सपनों को कुचलने वाला इंजन बन चुकी है।
2024 की गलतियों से सबक न लेना यह दर्शाता है कि सरकार के पास न तो कोई विजन है और न ही युवाओं के प्रति संवेदना।
उन्होंने कहा कि केवल जांच का ढोंग करने से काम नहीं चलेगा; जब तक शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं देते, तब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।
⚖️ न्यायिक जांच की मांग
आदित्येश्वर ने इस पूरे प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों के छात्रों का भविष्य इस “भ्रष्ट सिस्टम” की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
📍 नीट-यूजी 2026 की विफलता ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।