- नागरिकों को हुई असुविधा के लिए कांग्रेस नेताओं ने मांगी माफी
- बिजली कटौती, जर्जर सड़कें और सफाई व्यवस्था पर अधिकारियों को फटकार
- मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 20 करोड़ रुपये पर सवाल
- NH कार्यालय के घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी
- अधिकारियों ने सुधार के लिए समयसीमा तय कर आश्वासन दिया
📰 विस्तृत समाचार
अंबिकापुर, – शहर की बिगड़ती जनसुविधाओं को लेकर कांग्रेस का संगम चौक पर चक्काजाम जारी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकों से असुविधा के लिए माफी मांगते हुए कहा कि “नागरिक हित के लिए मजबूरन यह प्रयास करना पड़ रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस और बड़े आंदोलन के लिए तैयार है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने सभा स्थल पर मौजूद अधिकारियों से सवाल किया कि मुख्यमंत्री द्वारा शहर की सड़कों के लिए दिए गए 20 करोड़ रुपये कहाँ गए?
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि “कमीशनखोरी और घटिया उपकरणों के उपयोग के कारण शहर की बिजली व्यवस्था चौपट हुई है।”
⚡ नेताओं के तीखे बयान
- आदित्येश्वर शरण सिंहदेव (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य) ने कहा कि कांग्रेस की सरकार शानदार कार्य कर रही थी, लेकिन भाजपा ने झूठ फैलाकर धोखे की सरकार बनाई और अब नागरिकों पर समस्याएँ थोप दी हैं।
- पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि यदि महापौर अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने महिला और आदिवासी होने का “विक्टिम कार्ड” खेलना बंद करने की सलाह दी।
- पूर्व सभापति अजय अग्रवाल ने कहा कि शहर की स्थिति सुधारने के लिए यदि कानून हाथ में लेना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग जानबूझकर आपूर्ति चौपट कर रहा है।
- निगम में नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवैये से शहर को भारी तकलीफ झेलनी पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
🏗️ अधिकारियों का आश्वासन
चक्काजाम के दौरान विद्युत विभाग, निगम, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
- विद्युत विभाग ने 2 दिन में व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।
- निगम और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने 1 सप्ताह में सड़कों के सुधार का वादा किया।
📍 कांग्रेस का यह आंदोलन शहर की मूलभूत समस्याओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने और नागरिकों की आवाज़ बुलंद करने का प्रयास है। यदि वादों पर अमल नहीं हुआ तो कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।